मंगलवार, 20 अक्टूबर 2009

मूर्ति


मूर्ति मन्दिर में हो
या हो चोराहे पर
घर में हो या बाग़ -बगीचे में
छोटी हो या हो बडी
ध्यान आकर्षित करती सभी का अपनी और
यही नियम सनातन का
भगवान आकर्षित कर अपनी और
अपनी पूजा करवा लेते
कण-कण में वास उनका
कर कृपा अपनी
मन मन्दिर
बना देते

रविवार, 18 अक्टूबर 2009

सिख भाई बहनों से क्षमा - प्रार्थना







गुरु मान्यो ग्रन्थ यह गुरु जी की देह (शरीर) है








मे अपने ईश्वर की सोगन्ध खा कर अपने सिख मित्रों पाठकों भाइयों बहनों से क्षमा की प्रार्थना करता हूँ जो मे यहाँ लिखने जा रहाहूँ ,उस का उदेश यह नही है की ,मे किसी के धर्म का विरोध करूं, या किसी की आत्मा को आहत करू यदि ऐसा किसी को प्रतीत हो तो मे पहले ही क्षमा का प्रार्थी हूँ ;;;;;;;;;;;;;;;;;;;;;;;;;;;;;;;;
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guru maanyo grnth

guru
maanyo
grnth
गुरु
ग्रन्थ
को
मानिये
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किसी प्रकार का भेष धारण ना करना

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यदि मेरे ज्ञान में कुछ अधूरा पन दिखे तो मुझे अपने धर्म के अनुसार शिक्षित अवश्य करें आपका आभारी रहूँ गा सिख धर्म के संस्थापक गुरु गोबिंद सिह जी थे? और उनका हुक्म था गुरु ग्रन्थ साहिब को ही मानना यही गुरु जी की देह (शरीर)है ?
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गुरु जी की आज्ञा है की भेष धारण ना करना ?
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grnth saahib hi guru haen koi deh-dhari guru nhi hotaa







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शनिवार, 17 अक्टूबर 2009

लालच


धन बडाने की चाहत
बदल गयी बनकर मिलावट
मेहनत की दाल मिलावटी
घी तेल लगे बनने बनावटी
हर शै बनावटी होगयी
फल-फ्रूट -और सब्जी
यहाँ तक कि
सांस भी जहरीली होगयी
फ़िक्र छोड़ जिंदगानी की
लगी है होड़ अपना धन बडाने की
धन अपना बडाने को
जोर पूरा लगा लिया
फिर भी इंसान
है परेशान ?
जहर पूतना के ढूध की
न आई किसी काम
ऐसी कोन सी ताकत है
जो इन सब के प्रयासों से
आम आदमी को बचा रही है
यहाँ तो बचानें वाली दवा
भी है बनावटी
फिर कोन
बचा रहा है तुम को
उस को धन्यवाद तो कहो
क्यों इतने कृतघ्न होगये हो
उस के नाम पर
भोली -भाली जनता को ठगते हो
वह बचाने वाला हे कितना बलवान
कर लो उस की पहिचान
बाज आजाओ घिनोनी हरकत से
बचाने वाला अभी तो शांत है
गर गुसे में वो आयेगा
मिटा दे गा बनावटीपना तेरा
जो मिल रहा हे आज तुझे
छपर फाड़ के
छीन ले गा वो
एक थपड मार के









गुरुवार, 15 अक्टूबर 2009

बे -------------- पर्दा



बेपर्दा
                                     भोजन
                                     होती हे शराब
                                     पीओ चाहे
                                      छुपा कर
                                     करवाती है
                                      तिरस्कार

सनातन धर्म में


                     भजन

                          भोजन



और नारी


तीनो पर्दे के अधिकारी



महलाओं में श्रधा

महिलाएं सबसे ज्यादा श्रधा - वान होने से सनातन धर्म के ग्रन्थों की ना सुन कर दुनियावी बातों को सुन कर पाप की अधिकारी हो जातीं हैं ?

विवाह
 विवाह के समय सनातन रीती अनुसार पति-पत्नी दोनों को शिक्षा दिजाती हे की पत्नी पति के शुभ कर्मों में आधे की अधिकारी होती है |
जिस को बिना कुछ किये पुन्य फल मिलता हो उसे तीर्थ जप तप पाठ पूजा करने की बात मेरी समझ से बाहर है 



  


सनातन धर्म महिला को कहता हे की पति ही परमेश्वर हे |
पति का बाकी का सारा परिवार उसके लिए अपने अपने ओहदे के अनुसार पूजनीय हैं परन्तु पति के लिंग के अतिरिक्त किसी दुसरे के लिंग की सेवा से मना किया गया है |चाहे वह शिव लिंग ही क्यों ना हो |आज यही महिलाएं शिव की मूर्ति को ना पूज कर शिव लिंग को ही छूति हैं ,पूज्तीं हैं और पाप की बदोतरी करतीं  हैं क्या ज्योतिषी ब्राहमिन और आज कल के गुरु लोग नही जानते कि नारी को शिव लिंग की सेवा से क्यों रोका गया है?
चित्रकूट के घाट पर लगी
                       मेरे जेसे फुदुओं की भीड़
तुलसीदास चन्दन घिसें
तिलक लगावें रघुबीर
आज तिलक हमारे माथे लगता
रघुवीर बेचारा क्या करता ?
खुद ही अवतार लेगा
फिर जाकर सनातन धर्म बचेगा
इसी प्रकार कहते हैं सनातनी
            होताहै पाप तोड़ना तुलसी की पत्ती
कोई तो बताओ क्या तोडी जा सकती है इस की टहनी?

बुधवार, 14 अक्टूबर 2009

नारी शक्ति सनातन धर्म अनुसार खुद को पहिचानो



नारी घर-परिवार की ग्रहलक्ष्मी होती है तथा ज्ञानवान नारी तो घर में स्वर्ग उतार लाती है

          सनातन धर्म में नारी के सम्मान में बहुत कुछ है सती से वेश्या तक रूपवती से करुपा तक बिटिया से माता तक ग्रहणी से रानी तक आधुनिक से कई सो गुना ज्यादा आधुनिक नारी सनातन धर्म के असूलों पर चलने वाली होती है


सनातन धर्म में अपने सनातन असूलों से नीचे गिर चुकी नारी ?



सत संग में अज्ञानता वश लुट गयी भारतीय नारी
                                                                           लूटेरे आये ज्ञान को मार ताला
                                                                                                                    चाबी दरिया में डाल आये



सावधान जरा सा देना ध्यान
तुम्हारे अंदर का ज्ञान खुद जाग जाए गा
बिना किसी गुरू के सब कुछ समझ में आयेगा
रु
 रुको दोनों सनातन का नियम समझो                           पति ही परमेश्वर होता है
                                                          ऐसा ही सनातन धर्म का ग्रन्थ बताता है



सनातन धर्म कुछ सामाजीक नियमों के पालन कई बात भी बताता हे
जिसे पालन करना धर्म बनजाता है